इंद्रायणी देवी का मंत्र-ॐ देवेंद्राणी विवाहं भाग्यमारोग्यम देहि मे - An Overview

मिष्ठान्न का प्रसाद देवी को अर्पित करें और बांटे   

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इन्द्रजात्रा अन्तर्गत कुमारी रथयात्रा

(१९) जयदेव जोशी भए । (२०)जयदेवका हरिकृष्ण जोशी भए । (२१) हरिकृष्णका तारानाथ जोशी, (२२) तारानाथका कमलपती जोशी (२३) कमलपतिका नारद जोशी (२४) नारद जोशीका २ पुत्र क्रमस : जेठा घन्सराम जोशी कान्छा भवानन्द जोशी भए । (२५) घन्सराम जोशीका ४ पुरत्रहरू क्रमस जेठा तुलाराम जोशी, माईला, खगराज जोशी, साईला : टिकाराम जोशी, कान्छा गणेश जोशी हुँन् । त्यस्तै भवानन्द जोशीका २ पुरत्रहरू क्रमसः जेठा दुर्गादत्त जोशी, कान्छा हेमराज जोशी हुँन् । (२६) तुलाराम जोशीका ३ पुरत्रहरू क्रमस जेठा : ताराप्रसाद जोशी, माईला : चक्रधर जोशी, कान्छा : मनिराज जोशी हुँन् । माईलाः खगराजा जोशीका २ पुरत्रहरू क्रमस : जेठा : टेकराज जोशी, माईला : खेमराज जोशी हुँन् । साईला : टिकाराम जोशीका एकपुत्र जयराज जोशी हुँन् । कान्छा गणेश जोशीका २ छोरा छन् । त्यस्तै दुर्गादत्त जोशीका २ पुरत्रहरू क्रमस जेठा गिरिराज जोशी कान्छा दिवाकर जोशी हुँन् । हेमराज जोशीका यज्ञराज जोशी हुँन् । डोटी मान्नाकापडी —१ , बरालगाउँ मटखन्नीपट्टिको वृक्ष[सम्पादन गर्ने]

चौमुखा दिया website या अखंड जोत जला कर देवी को अर्पित करें 

आटे के तीन दिये बनाये व देसी घी ड़ाल कर जलाएं

मजदूरों, साधुओं,ब्राह्मणों व गरीबों को भोजन खिलाये

इस ब्लॉग का उद्देश्य सिर्फ सुचना एवं ज्ञान का प्रसार करना है Disclaimer- Astrology this web site will not guarantee the precision or reliability of any matters .Only for facts

योग मेडिटेशन और संगीत सहित शाकाहार को अपनाएँ 

मूर्ती या चित्र को नीले या लाल रंग के वस्त्र पर स्थापित करें 

शास्त्रों के अनुसार हर पूजा मे सबसे पहले गणेश जी का पूजन अनिवार्य है

इस प्रयोग से एक बार में ही वास्तु दोष हट जाएगा 

२६— लक्ष्मीधर जोशी (अपुताली) माईला श्रीधरजोशीका तीन पुत्र भए ।

ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं गलों गं गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा

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